Noida Farmers Protest: शोषण एवं उत्पीड़न के ख़िलाफ़ प्राधिकरण की सीईओ को किसानों की चिट्ठी
Noida Farmers Protest : गौतमबुद्ध नगर। नोएडा के किसानों के साथ प्रारम्भ से ही प्राधिकरण का सौतेला व्यवहार होता आया है। यह सर्वविदित है कि नोएडा का किसान यहाँ सदैव शोषित होता रहा है जिसके कारण समय-समय पर किसान आन्दोलन होते रहे हैं। लेकिन नोएडा प्राधिकरण की गलत नीतियों के कारण आज तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है।
Noida Farmers Protest : आज नोएडा शहर को बसे लगभग 47 वर्ष हो चुके है लेकिन किसानों की समस्याओं का किसी भी सरकार में प्राधिकरण द्वारा सुलझाने का प्रयास नहीं किया गया है। केवल हर बार किसान उपेक्षित ही रहा है। हम किसानो के मूलभूत मुद्दे हैं उन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उनका तुरन्त समाधान निकाला जाये जिससे किसानों का प्राधिकरण व सरकार के प्रति गतिरोध समाप्त हो व किसान भी अमन चैन से खुशी-खुशी रह सके।Noida News : जल्द ही खुलेगा पर्थला सिग्नेचर ब्रिज, लोगों को भारी जाम से मिलेगी राहत
- किसानों की मांगे निम्न प्रकार हैं:-
नोएडा के किसानों का ग्राम आबादी का प्रकरण भी प्राधिकरण आज तक नहीं सुलझा पाया है। ज्ञात रहे कि प्राधिकरण द्वारा भूमि अधिग्रहण के समय गांव की आबादी सीमा निश्चित करने हेतु कोई लाल डोरा नहीं लगाया गया था। यह प्राधिकरण की ही चूक है कि समय से लाल डोरा निश्चित नहीं किया गया। अगर किसानों द्वारा अपनी आबादियों में निर्माण कार्य करने पर भी उसे अवैध बताया जा रहा है। जिन किसानों ने अपनी जमीन का मुआवजा नहीं प्राप्त किया है उसको भी प्राधिकरण अपनी जमीन बताकर किसानों को धारा-10 के नोटिस जैसी प्रक्रिया अपनाई जा रही है। - प्राधिकरण की स्थापना से पहले जो किसान ग्राम समाज आदि की भूमि पर आबादी बनाकर अपने परिवार के साथ पहले से ही रह रहे थे उनको भी प्राधिकरण द्वारा अवैध बताया जा रहा है। जिससे नोएडा के किसानों में रोष व्याप्त है। वर्तमान समय में जो भी किसान जहाँ भी रह रहा है उसे उसी स्थान पर नियमित किया जाना सुनिश्चित करें और किसानों की आबादी को अवैध बताकर न तोड़ा जाये।Noida News : मेट्रो हॉस्पिटल पर निर्माण करने वाली कंपनी ने लगाया ठगी का आरोप
- वर्ष 2002 के बाद भूमि अधिग्रहण के किसानों को प्राधिकरण द्वारा 64.7% अतिरिक्त प्रतिकर व अधिग्रहित भूमि का 10%आवासीय भूखण्ड उन किसानों को दिया गया है जो किसान मा0 न्यायालय गए थे, मा0 न्यायालय द्वारा उनको आदेश पारित किया गया है और जो किसान मा0 न्यायालय में नहीं गए उनको 10%आवासीय भूखण्ड नहीं दिया गया। वर्ष 2002 के बाद के भूमि अर्जन वाले किसानों को दोहरा व्यवहार न करते हुए उदारता पूर्वक समान लाभ दिया जाना सुनिश्चित करें।
- प्राधिकरण द्वारा वर्ष 2011 में ग्रामीण कोटे की आवासीय योजना निकाली गई थी जिसमें कुछ प्लाटों का आवंटन प्राधिकरण द्वारा कर दिया गया है। कुछ का रोक लिया गया है। रोके हुए प्लाटों का आवंटन किया जाना सुनिश्चित करें व बचे हुए पात्र किसानों को लाभ देने के लिए पुनः योजना निकाली जाये।
- वर्ष 1976 से प्राधिकरण द्वारा भूमि अधिग्रहण आरम्भ किया गया था जिसमें उन किसानों को आज तक प्राधिकरण द्वारा उचित मुआवजा राशि दी गई है और न ही 10% आवासीय भूखण्ड दिए गए हैं। प्राधिकरण द्वारा वर्ष 2002 के बाद यह योजना प्रारम्भ की गई, किन्तु पूर्व में हुए अर्जन पर कोई सहानुभूतिपूर्वक विचार कर ऐसा कोई लाभ नहीं दिया गया। अतः पूर्व के किसानों को भी समानता का अधिकार देते हुए भूमि अधिग्रहण का 10%आवासीय भूखण्ड न्यायहित में दिया जाना सुनिश्चित करें।
Noida Farmers Protest : प्राधिकरण द्वारा वर्ष 30 अपै्रल 1976 से अधिग्रहण शुरू किया गया था। निराशजनक तथ्य यह है कि आज 46 वर्ष के बाद भी अपना उचित मुआवजा पाने के लिए किसान मा0 न्यायालय में संघर्षरत है। महोदयाजी इस बिन्दु पर विशेषतः यह कहना है कि प्राधिकरण प्रतिकर मुगतान के मामलों में भी किसानों से सौतेला व्यवहार कर रहा है। महोदया जी नोएडा के ही एक गांव ककराला का अधिग्रहण दिनांक 11-01-1977 को धारा-6 के अंतर्गत किया गया था। जिसमें मा0 उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा प्रतिकर की राशि को रू0 3.97 प्रति वर्गमीटर बढ़ाकर रू. 297.00 प्रति वर्गमीटर कर दिया गया था जिसमें प्राधिकरण द्वारा कोई रिव्यू पीटिशन मा0 उच्च न्यायालय में दाखिल नहीं की गई अथवा मा0 उच्चतम् न्यायालय में भी कोई एसएलपी दायर नहीं की गई। बल्कि उस गांव का समस्त भुगतान कर दिया गया।Noida News : चौधरी बीसी प्रधान को भारतीय किसान यूनियन ( भानू) का राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया।
Noida Farmers Protest : यहाँ यह कहना है कि जब प्राधिकरण को यह प्रतिकर की दर स्वीकार्य थी और भुगतान किया गया तो वह अन्य किसानों को मा0 न्यायालय में इसलिए प्रताडि़त कर रहा है। यह सौतेला व्यवहार किसानों के साथ अमानवीय व अनैतिक है। अतः बचे हुए किसानों को समानता देते हुए भूमि अधिग्रहण में प्रतिकर रू0 297.00 प्रति वर्गमीटर की दर से किया जाये। तथा मा0 न्यायालय से भूमि अधिग्रहण के सभी मामले वापिस लिए जाये।Noida News : जनता की आवाज़ को दबा रही है मोदी सरकार – पुरुषोत्तम नागर
Noida Farmers Protest : नोएडा स्थित सभी ग्रामों की स्थिति आज मलीन बस्ती जैसी हो गयी है। प्राधिकरण की अपेक्षा के कारण ग्रामों में विकास कार्य दिखावा मात्र ही किया गया है। अतः आपसे निवेदन है कि सभी ग्रामों का विकास भी नोएडा शहर की तर्ज पर किया जाये।












