नौकरी जाने के सदमें में सिविल डिफेन्स के जवान की मौत, परिवार से मिलने तक नहीं आये “आप” के विधायक
East Delhi News: पूर्वी दिल्ली। आम आदमी पार्टी के मुखिया अरविन्द केजरीवाल ने नौजवानों के जीवन को नर्क बना दिया। केजरीवाल ने दिल्ली के नौजवानों को रोजगार देने का सपना दिखा कर उनका सम्पूर्ण जीवन तबाह व बर्बाद कर दिया। आम आदमी पार्टी की सरकार बनते ही दिल्ली के नौजवानों को दिल्ली पुलिस से मिलती जुलती वर्दी दे कर नौजवानों की सिविल डिफेन्स के नाम पर भर्ती की गयी। सिविल डिफेन्स की भर्ती के लिए बाकायदा वैकेंसी निकाली गयी और लोगों की भर्ती के बाद ट्रेनिंग भी हुई। ट्रेनिंग के बाद सरकारी दफ्तरों, डीटीसी की बसों, पार्टी की रैलियों और कार्यक्रमों में और सार्वजनिक स्थानों पर आवश्यकता के अनुसार उनकी नियुक्ति की गयी। कोरोना महामारी में भी सिविल डिफेन्स के जवानों ने अपनी जान की परवाह नहीं करते हुए ड्यूटी किया, भले ही सरकार ने समय से उनका वेतन तक नहीं दिया।
बीच मझदार में केजरीवाल ने छोड़ा
East Delhi News: उस समय सिविल डिफेन्स के जवानों को बड़ा झटका लगा जब अचानक बिना किसी अग्रिम सूचना के एक नवंबर २०२३ को केजरीवाल सरकार की तरफ सिविल डिफेन्स के जवानों को उनकी सेवा समाप्ति का नोटिस मिला। जवानी का अपना क्रीम समय जिन लोंगो ने सरकार की सेवा में गंवा दिया उनको सरकार ने उम्र के ऐसे पड़ाव पर धोखा दिया जब वह अपने जीवन के बीच मजधार में खड़े हैं। सरकार के इस फैसले से जहाँ कई लोग अपना परिवार और बच्चों की परवरिश के लिए सदमें में हैं, वहीँ पूर्वी दिल्ली के कोंडली विधानसभा के राजवीर कॉलोनी निवासी विजेंद्र सिंह की सदमें में हृदयगति रूक गयी और अचानक उनकी मौत हो गयी।
नौकरी जाने की चिंता में चली गयी जान
East Delhi News: कोंडली विधानसभा के राजवीर कॉलोनी निवासी विजेंद्र सिंह उम्र ४८ वर्ष दिल्ली सरकार के अधीन सिविल डिफेन्स में अपनी सेवा दे रहे थे। सब कुछ ठीक ठाक चल रहा था लेकिन १ नवम्बर २०२३ को अचानक सूचना मिली की उनकी सेवा समाप्त की जा रही है। पिछले पांच माह से वेतन नहीं मिला था और उसके बावजूद सरकार ने बिना किसी अग्रिम सूचना के नौकरी छीन लिया। सूचना मिलते ही मानों सर पर पहाड़ गिर गया हो, आँखों के सामने अँधेरा छा गया, चक्कर खा कर गिर गए। लोगों ने संभाला और पूछा कि क्या हुआ तो रोते और बिलखते हुए बताया कि उनका जीने का सहारा, रोजगार सरकार ने छीन लिया।
लोगों ने हौसला बंधवाया और हिम्मत से काम लेने और विभाग में पता करने को बोल कर समझाया। उसके बाद दिल्ली सिविल डिफेन्स से निकाले गए सभी लोगों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
विजेंद्र लगातार धरने में शामिल होने लगे कि शायद सरकार का दिल पसीज जाये और लोगों को उनकी नौकरी वापस दे दें, लेकिन जब चार दिन बीत जाने के बाद भी जब सरकार की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो विजेंदर सिंह को अपने बच्चों के पालनपोषण की चिंता सताने लगी, गुम -सुम रहने लगे और रात को अचानक दिल का दौरा पड़ा जिससे उनकी मौत हो गयी।
बीवी और बच्चे सरकारी सहायता की राह देख रहे हैं
East Delhi News: सरकार के एक गलत फैसले के कारण विजेंदर सिंह की जीवन लीला समाप्त हो गयी, बच्चों का भविष्य अंधकार मय हो गया। अभी तक सरकार या आम आदमी पार्टी की तरफ से कोई अधिकारी, नेता या विधायक परिवार को ढाढंस बधाने नहीं आया है। जबकि मृतक विजेंद्र और उनका पूरा परिवार आम आदमी पार्टी के लिए 2012 से कार्य कर रहे थे। मृतक का छोटा भाई महेंद्र सिंह आम आदमी पार्टी का सक्रीय सदस्य है, इसके बावजूद कोई दरवाजे पर देखने तक नहीं गया। कोंडली से आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप कुमार के कार्यालय से पांच सौ मीटर की दूरी पर मृतक का घर है, फिर भी विधायक जी ने मृतक परिवार से मिलना गवारा नहीं समझा। पार्षद प्रियंका गौतम के वार्ड की घटना है, वह देखने गईं लेकिन कोई आश्वासन या सांत्वना नहीं दिया बल्कि यह सुना कर आयीं कि मैं पार्टी की तरफ से नहीं बल्कि अपने समाज के नाते आयी हूँ।
मृतक के तीन बच्चे हैं। बड़ा बेटा मुकेश 20 वर्ष का अभी पढ़ाई कर रहा है, दूसरे नंबर की बेटी मोनिका 18 वर्ष अभी पढ़ाई कर रही है तीसरा और सबसे छोटा बेटा अभिषेक उम्र 15 वर्ष अभी पढ़ाई कर रहा है। घर में कमाने वाला कोई नहीं है। अचानक पिता की मौत से बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। परिवार को उम्मीद है कि सरकार उनके परिवार से किसी बालक को एक नौकरी और कुछ आर्थिक सहायता ज़रुर करेगी लेकिन जनप्रतिनिधियों की बेरुखी से परिवार चिंतित है।
- अब देखना यह है क्या सरकार मृतक सिविल डिफेन्स कर्मी विजेंद्र सिंह के परिवार को आर्थिक सहायता और नौकरी देगी ?
- दलित समाज से आने वाले विधायक और निगम पार्षद परिवार को आर्थिक सहायता और नौकरी दिलवाने में सहायता करेंगें या फिर गरीब सिविल डिफेन्स कर्मी मृतक विजेंदर सिंह की मौत की खबर को धीरे धीरे दबा दिया जायेगा ?












