India-Iran relations: अमेरिकी प्रतिबंधों पर भड़का ईरान, भारत के समर्थन में खुलकर आया सामने
India-Iran relations नई दिल्ली, 4 अगस्त 2025 – (एजेंसी ) अमेरिका द्वारा छह भारतीय कंपनियों पर लगाए गए प्रतिबंधों ने भू-राजनीतिक मोर्चे पर एक नया तनाव पैदा कर दिया है। इस मामले में, भारत के पुराने सहयोगी ईरान ने बेहद सख्त रुख अपनाते हुए न सिर्फ भारत का समर्थन किया है, बल्कि अमेरिका को जमकर खरी-खोटी सुनाई है। ईरान ने साफ कहा है कि वाशिंगटन अपनी तानाशाही और आर्थिक दादागिरी से दुनिया को नियंत्रित नहीं कर सकता।
India-Iran relations ईरान ने अमेरिकी कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून और देशों की संप्रभुता का खुला उल्लंघन बताया है। नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास ने एक तीखे बयान में कहा कि अमेरिका भारत जैसे देशों के विकास में बाधा डालने के लिए प्रतिबंधों को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह अपनी मनमानी थोपने और अंतरराष्ट्रीय व्यापार को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहा है।
प्रतिबंधों का आधार और ईरान का जवाब
India-Iran relations अमेरिका ने कुल 20 कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए थे, जिनमें से 6 भारतीय कंपनियां थीं। इन कंपनियों पर ईरान से पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उत्पाद खरीदने का आरोप लगाया गया था। अमेरिका ने ईरान पर परमाणु कार्यक्रम जारी रखने का आरोप लगाते हुए उसके तेल निर्यात पर कड़े प्रतिबंध लगा रखे हैं।
India-Iran relations इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ईरान ने एक गैर-पश्चिमी नेतृत्व वाली विश्व व्यवस्था की अपील की है। उसका कहना है कि दुनिया के देशों को मिलकर एक ऐसा मंच बनाना चाहिए जहाँ कोई भी शक्ति अपनी मनमानी न चला सके और सभी देश स्वतंत्र रूप से व्यापार कर सकें।
ईरान का यह कदम भारत के लिए कूटनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे अमेरिका के दबाव के बीच भारत को एक मजबूत राजनयिक समर्थन मिला है। यह घटना दर्शाती है कि वैश्विक राजनीति में अब कई ध्रुव उभर रहे हैं और अमेरिका के एकाधिकार को लगातार चुनौती मिल रही है।











