U.P. News: चीनी के बढ़े दामों के खिलाफ आंदोलन करेगी सुभासपा,1 सितंबर को तय होगी रणनीति
लखनऊ। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव डॉ. अरविंद राजभर ने चीनी के बढ़ते दामों को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए आंदोलन का ऐलान किया है। हरदोई पहुंचे राजभर ने कहा कि चीनी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ रहा है। इस मुद्दे को लेकर पार्टी अब आंदोलन की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि आंदोलन की रूपरेखा तय करने के लिए 1 सितंबर को प्रदेश स्तरीय बैठक बुलाई गई है। इसी बैठक में आंदोलन के कार्यक्रम और आगे की रणनीति पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
अखिलेश यादव को आंदोलन की चुनौती
डॉ. अरविंद राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी चीनी के बढ़े दामों के खिलाफ आंदोलन करने की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि यदि सपा इस मुद्दे पर आंदोलन करती है तो सुभासपा उसके साथ खड़ी होने को तैयार है।
राजभर ने कहा कि गन्ने से चीनी तैयार होने के बाद उसकी कीमत लगातार बढ़ती जाती है, जबकि इसका बोझ सीधे आम जनता पर पड़ता है। उन्होंने विपक्षी दलों से भी इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चीनी के दामों का मुद्दा किसी राजनीतिक गठबंधन से जुड़ा नहीं है। सुभासपा एनडीए के साथ रहकर पीडीए की राजनीतिक चुनौती का सामना करेगी।
‘चवन्नी’ वाले बयान पर पलटवार
सपा की ओर से दिए गए ‘चवन्नी’ वाले बयान पर पलटवार करते हुए अरविंद राजभर ने कहा कि चवन्नी को कमतर नहीं आंकना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की मुद्रा व्यवस्था में छोटे सिक्कों की भी अपनी अहमियत रही है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों ने कभी अर्धशतक तक नहीं लगाया था, उन्हें शतक तक पहुंचाने में इन्हीं लोगों की भूमिका रही है।
86 विधानसभा सीटों पर संगठन मजबूत करने का दावा
आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर अरविंद राजभर ने कहा कि सुभासपा प्रदेश की 86 विधानसभा सीटों पर लगातार काम कर रही है। पार्टी की इन सीटों पर विशेष दावेदारी है। उन्होंने कहा कि एनडीए की ओर से जितनी सीटें सुभासपा को दी जाएंगी, पार्टी उतनी ही सीटों पर चुनाव मैदान में उतरेगी।
आरक्षण के मुद्दे पर अखिलेश यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि इस विषय पर बोलने से पहले सपा को अपने शासनकाल का रिकॉर्ड देखना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि पिछड़ों के 27 प्रतिशत आरक्षण के वर्गीकरण से जुड़े मामले में तत्कालीन सपा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से रोक लेने का काम किया था।
राजभर ने अति पिछड़े, सर्वाधिक पिछड़े, अति दलित और महादलित वर्गों को आरक्षण का वास्तविक लाभ दिए जाने की मांग की। उन्होंने रोहिणी आयोग की रिपोर्ट लागू करने तथा जातिगत जनगणना के आधार पर आबादी के अनुपात में हिस्सेदारी सुनिश्चित करने की मांग भी दोहराई।
जंतर-मंतर प्रदर्शन पर भी प्रतिक्रिया
जंतर-मंतर पर आरक्षण के विरोध में चल रहे प्रदर्शन पर अरविंद राजभर ने कहा कि सुभासपा लंबे समय से आर्थिक आधार पर आरक्षण की मांग करती रही है। उन्होंने आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए लागू 10 प्रतिशत ईडब्ल्यूएस आरक्षण का उल्लेख करते हुए कहा कि आरक्षण व्यवस्था की समय-समय पर समीक्षा और आवश्यक वर्गीकरण किया जाना चाहिए।
13 सितंबर को हरदोई में सामाजिक समरसता महारैली
अरविंद राजभर ने बताया कि सुभासपा की ओर से 13 सितंबर को हरदोई के नॉर्मल मैदान में सामाजिक समरसता महारैली आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
उन्होंने बताया कि भाजपा और एनडीए के किसी बड़े नेता को भी कार्यक्रम में आमंत्रित करने का प्रयास किया जा रहा है। राजभर के मुताबिक यह सुभासपा की करीब 40वीं सामाजिक समरसता महारैली होगी। उन्होंने दावा किया कि हरदोई की रैली ऐतिहासिक होगी और इसके माध्यम से सामाजिक एकजुटता के साथ-साथ हक और अधिकार की लड़ाई का संदेश दिया जाएगा।
संडीला सीट पर विशेष फोकस
हरदोई में संगठन और चुनावी तैयारियों को लेकर अरविंद राजभर ने कहा कि सुभासपा का सबसे अधिक ध्यान संडीला विधानसभा सीट पर है। पार्टी पिछले करीब एक दशक से यहां लगातार संगठनात्मक गतिविधियां चला रही है। इसके अलावा सीतापुर जिले की मिश्रिख और महोली विधानसभा सीटों पर भी पार्टी अपना संगठन मजबूत करने में जुटी है।












