Azam Khan: जब भी हिंदुस्तान में शिक्षा, समाजसेवा और सियासत के संगम की बात होगी, मोहम्मद आज़म ख़ान का नाम हमेशा अदब और इज़्ज़त के साथ लिया जाएगा। आज़म ख़ान सिर्फ एक नेता नहीं हैं — वो एक सोच हैं। एक ऐसी सोच जो अपने समाज को अज्ञानता के अंधेरे से निकालकर तालीम की रौशनी में ले जाना चाहती है।
📚 जौहर यूनिवर्सिटी: एक ख्वाब, एक मिशन
Azam Khan: रामपुर की सरज़मीन पर जब मोहम्मद आज़म ख़ान ने जौहर यूनिवर्सिटी की बुनियाद रखी, तो वह सिर्फ एक इमारत नहीं थी — वह उम्मीद का एक दरवाज़ा थी, खासतौर पर उन बच्चों के लिए जो समाज के पिछड़े और वंचित वर्गों से आते हैं।
इस यूनिवर्सिटी के ज़रिए उन्होंने ये पैग़ाम दिया कि तालीम किसी एक वर्ग की जागीर नहीं, बल्कि हर इंसान का हक़ है।
इस सपने को देखना जितना बड़ा था, उसे हकीकत में बदलना उससे कहीं ज़्यादा मुश्किल था। तमाम राजनैतिक रुकावटों और विरोधियों का साहस के साथ सामना किया आज़म ख़ान ने, और तब जाकर खड़ी हो सकी शिक्षा की यह भव्य इमारत।
हर चुनौती के आगे वे चट्टान बनकर खड़े रहे क्योंकि उन्हें यक़ीन था कि शिक्षा से ही समाज बदलेगा।

🗣️ सियासत नहीं, सेवाभाव था मक़सद
Azam Khan: आज़म ख़ान ने भले ही सियासत में लंबा वक्त गुज़ारा हो, लेकिन उनका असली जुनून समाजसेवा था। वे रामपुर के ज़मीनी नेता है — ग़रीब, मजबूर और बेआवाज़ लोगों की आवाज़। उन्होंने हमेशा उन तबकों का साथ दिया जिन्हें अक्सर नज़रअंदाज़ कर दिया जाता है।
उनकी ज़बान में तल्ख़ी हो सकती है, लेकिन उनके अल्फ़ाज़ में सच्चाई होती है — समाज को जागरूक और मज़बूत बनाने की सच्ची लगन है।
🏛️ एक विरासत जो अमर रहेगी
Azam Khan: विरोधी चाहे जितने भी हों, लेकिन इस हक़ीक़त से इनकार नहीं किया जा सकता कि उन्होंने शिक्षा के जिस इंकलाब की शुरुआत की, वो आज भी आने वाली नस्लों की ज़िंदगी संवार रहा है। जौहर यूनिवर्सिटी उनके संघर्ष, दूरदर्शिता और समाज के लिए उनके वचनबद्ध जीवन की मिसाल है।
🕊️ एक आवाज़ जो कभी ख़ामोश नहीं होगी
Azam Khan: शायद वक्त उन्हें सीमित करने की कोशिश करे, लेकिन उनके विचार, उनका विज़न और उनकी कोशिशें इतिहास के पन्नों में अमिट रहेंगी। जब भी आने वाली पीढ़ियाँ तालीम की बात करेंगी, जौहर यूनिवर्सिटी की ऊँची दीवारें उन्हें आज़म ख़ान के हौसले की कहानी सुनाएंगी।
“तालीम की शमां जलाने वाला वो चिराग़, जो लाख आँधियों में भी नहीं बुझा — वही हैं मोहम्मद आज़म ख़ान।
” लेखक -कमरुद्दीन सिद्दीक़ी”-email-unitedindialive5@gmail.com












