Jaipur Blast Case : नई दिल्ली। जयपुर ब्लास्ट के चरों आरोपियों को हाईकोर्ट ने बरी कर दिया। 13 मई 2008 को राजस्थान के जयपुर में हुए सिलसिलेवार आठ बम ब्लास्ट हुए थे जिसमें 71 लोगों की जान गयी थी और 185 लोग घायल हुए थे। इसी मामले में निचली अदालत ने 4 लोगों को फांसी की सजा सुनाया था। अब राजस्थान हाईकोर्ट की जयपुर बेंच ने चारों आरोपियों को बरी कर दिया है।
Jaipur Blast Case : न्यूज़ पोर्टल लाइव लॉ के मुताबिक जस्टिस पंकज भंडारी और जस्टिस समीर जैन की बेंच ने कहा कि कोर्ट में पुलिस द्वारा पेश किये गए सबूत ना तो आपस में मेल खा रहे हैं और न ही सबूतों में एक दूसरे से कोई कड़ी मिलती हुयी नज़र आ रही है। कोर्ट ने मामले की जाँच कर रही एजेंसी और जाँच अधिकारीयों पर भी कई सवालिया निशान खड़े किये हैं। कोर्ट ने कहा – जाँच अधिकारी को क़ानूनी जानकारी नहीं है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाये।
Jaipur Blast Case : आगे कहा कि एटीएस के सबूतों से यह साबित नहीं होता कि धमाके वाले दिन चारों आरोपी बस के द्वारा दिल्ली से जयपुर आये और बम प्लांट करके शताब्दी ट्रेन से वापस दिल्ली आ गए।
Jaipur Blast Case : कोर्ट ने मोहम्मद सैफ, सैफुर्रहमान, सरवर आजमी और मोहम्मद सलमान को हत्या, राजद्रोह और विस्फोटक अधिनियम के तहत दोषी पाया था। मामले में कुल 12 लोगों को पुलिस ने आरोपी बनाया था। 3 आरोपी अब तक फरार हैं। जबकि 3 हैदराबाद और दिल्ली की जेल में बंद है। बाकी बचे 2 गुनहगार दिल्ली में बाटला हाउस मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। 4 आरोपी जयपुर जेल में बंद थे। जिन्हें निचली अदालत ने फांसी की सजा सुनाई थी।
Jaipur Blast Case : यह सिलसिलेवार 8 बम ब्लास्ट जयपुर के चांदपोल बाजार स्थित हनुमान मंदिर में हुए थे। मंगलवार का दिन था इस लिए मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। बम ब्लास्ट के बाद मंदिर में भगदड़ मच गयी और चरों तरफ चीख पुकार शुरू हो गयी। इस ब्लास्ट में 71 लोगों ने अपनी जान गवाई और 185 लोग घायल हुए। आतंकियों ने टिफिन बम का उपयोग किया था। उस समय राजस्थान वसुंधरा की सरकार












