Ayodhya News: अयोध्या (संवाददाता): उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित राम मंदिर को खालिस्तानी आतंकवादी संगठन ‘सिख फॉर जस्टिस’ (SFJ) के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू ने बम से उड़ाने की धमकी दी है। पन्नू ने एक वीडियो जारी कर कहा था कि 16-17 नवंबर को राम मंदिर में हिंसा होगी और वह हिंदुत्व विचारधारा की जन्मस्थली अयोध्या को हिला देंगे। इस धमकी के बाद अयोध्या में सुरक्षा एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है और सुरक्षा इंतजाम पहले से अधिक कड़े कर दिए गए हैं।
सुरक्षा बलों की बैठक और कड़ी निगरानी
Ayodhya News: धमकी के मद्देनजर शुक्रवार को राम जन्मभूमि परिसर में एसपी सुरक्षा बलरामाचारी दुबे ने सुरक्षा एजेंसियों के साथ एक अहम बैठक की। इसमें राम मंदिर परिसर और आसपास की सुरक्षा रणनीतियों को पुनः आकलित किया गया।
राम जन्मभूमि परिसर में पहले से ही सीआरपीएफ, एसएसएफ, पुलिस, और पीएसी के जवान तैनात हैं। सुरक्षा प्रबंधों में निम्नलिखित आधुनिक उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है:
- सीसीटीवी कैमरे: पूरे परिसर की 24×7 निगरानी के लिए उच्च गुणवत्ता वाले कैमरे लगाए गए हैं।
- वॉच टावर: संभावित खतरों पर नजर रखने के लिए ऊंचे वॉच टावर सक्रिय हैं।
- बूम बैरियर: संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों को रोकने के लिए स्वचालित बैरियर।
- स्कैनर और मेटल डिटेक्टर: प्रवेश द्वार पर सघन तलाशी।
सुरक्षा एजेंसियों ने परिसर में अतिरिक्त सुरक्षा घेरा बढ़ा दिया है। गुप्तचर एजेंसियां और स्थानीय प्रशासन संभावित खतरों पर नजर रखे हुए हैं।
धमकी का स्रोत और पन्नू का मकसद
Ayodhya News: गुरपतवंत सिंह पन्नू, जो खालिस्तानी संगठन सिख फॉर जस्टिस का प्रमुख है, भारत-विरोधी गतिविधियों के लिए कुख्यात है। उसने हाल के दिनों में कई बार अलगाववादी मांगों और धमकियों के जरिए अशांति फैलाने की कोशिश की है। भारत सरकार ने पन्नू को पहले ही आतंकवादी घोषित कर रखा है।
पन्नू द्वारा जारी वीडियो में न केवल राम मंदिर, बल्कि हिंदुत्व विचारधारा को निशाना बनाने की बात कही गई है। यह कदम सांप्रदायिक सौहार्द को भंग करने और भारत में अस्थिरता फैलाने की कोशिश का हिस्सा माना जा रहा है।
राम जन्मभूमि परिसर की सुरक्षा और स्थानीय तैयारियां
राम जन्मभूमि पहले से ही उच्च सुरक्षा श्रेणी में है। धमकी के बाद निम्नलिखित कदम उठाए गए हैं:
- सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई गई: परिसर और आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं।
- गश्त में वृद्धि: सुरक्षा कर्मियों द्वारा लगातार गश्त सुनिश्चित की गई है।
- यातायात प्रबंधन: राम मंदिर की ओर आने वाले सभी मार्गों पर विशेष चौकियां लगाई गई हैं।
- श्रद्धालुओं की तलाशी: मंदिर में प्रवेश करने वाले हर श्रद्धालु की गहन तलाशी ली जा रही है।
स्थानीय प्रशासन और जनता का सहयोग
स्थानीय प्रशासन ने श्रद्धालुओं और निवासियों से संयम और सतर्कता बरतने की अपील की है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने का आग्रह किया गया है। इसके अलावा, स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां हर गतिविधि पर कड़ी नजर बनाए हुए हैं।
धमकी का असर और सरकार की प्रतिक्रिया
अयोध्या के स्थानीय लोग और श्रद्धालु भले ही चिंतित हैं, लेकिन प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि सुरक्षा प्रबंध पूरी तरह चाक-चौबंद हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए शीर्ष अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की धमकियां भारत की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों को निशाना बनाकर अस्थिरता फैलाने का प्रयास हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की साजिश को नाकाम किया जाएगा, और देश की सांस्कृतिक धरोहरों की सुरक्षा प्राथमिकता है।
ध्यान देने योग्य: अयोध्या की सुरक्षा में की गई यह तैयारी न केवल राम मंदिर, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए सुरक्षा का एक मजबूत ढांचा स्थापित करती है।












