Minor Rape Case In Delhi: वरिष्ठ अधिकारी प्रमोद खाखा द्वारा नाबालिग बलात्कार मामले की जाँच धीमी -स्वाति मालीवाल
Minor Rape Case In Delhi: दिल्ली। नाबालिग लड़की से बार-बार रेप की खबर से दिल्ली स्तब्ध है। आरोपी दिल्ली सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी है जोकि इस समय दिल्ली पुलिस की हिरासत में है। दिल्ली पुलिस ने आरोपी प्रमोद खाखा और उसकी पत्नी को भी हिरासत में ले लिया। नाबालिग लड़की ने बयान में यह स्पष्ट किया है कि उसके साथ बार -बार प्रमोद खाखा ने बलात्कार किया और उसका गर्भपात करवाया गया जिसमें उसकी बीवी भी शामिल है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने महिला एवं बाल विकास विभाग में उप निदेशक आरोपी अधिकारी प्रमोद खाखा के निलंबन के आदेश दिए हैं। वहीं, दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने सोमवार को दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है।
दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज
Minor Rape Case In Delhi: दिल्ली पुलिस इतनी मजबूर है कि दिल्ली महिला आयोग की चीफ को पीड़िता से मिलने नहीं दे रही है। ऐसा क्या है जिसे भाजपा और दिल्ली पुलिस छुपाने की कोशिश कर रही है? क्या वे इससे जुड़े हैं? क्या किसी तरह की मिलीभगत है? क्या दिल्ली पुलिस ने उनके (भाजपा) दबाव के कारण उन्हें गिरफ्तार नहीं किया था। स्वाति मालीवाल को पीड़िता से न मिलने देने की क्या वजह है?… जो भी सरकारी अधिकारी इस तरह गिरफ्तार होगा, उसे सस्पेंड कर दिया जाएगा। मामला चलने तक वे निलंबित रहेंगे, दिल्ली सरकार सर्वश्रेष्ठ वकील नियुक्त करने का प्रयास करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि दोषी को उचित सजा मिले।
दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल
Minor Rape Case In Delhi: घंटे से ज्यादा हो गए हैं और मुझे पीड़िता या उसकी मां से मिलने नहीं दिया गया है। दिल्ली पुलिस गुंडों की पुलिस है। वे बलात्कारियों को गिरफ्तार नहीं कर पा रहे हैं। मैं उस लड़की से मिलकर यह समझना चाहती थी कि क्या वह किसी दबाव से तो नहीं गुजर रही है। लेकिन दिल्ली पुलिस इसकी इजाजत नहीं दे रही है। यह शर्मनाक है कि दिल्ली पुलिस जिसका काम महिलाओं को सुरक्षा देना है, वो खुद गुंडागर्दी करती है। लेकिन हमने दिल्ली पुलिस के लिए नोटिस जारी किया है…मुझे अभी दो महत्वपूर्ण फोन कॉल आए हैं। दिल्ली के दो अलग-अलग इलाकों में दो बड़े अपराध हुए हैं और पीड़ित मेरा इंतजार कर रहे हैं। लेकिन मैं वापस आऊंगी और पीड़िता और उसकी मां से मिलूंगी।
Minor Rape Case In Delhi: पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग में उप निदेशक आरोपी अधिकारी ने नवंबर 2020 और जनवरी 2021 के बीच कई बार लड़की से कथित रूप से बलात्कार किया। उन्होंने बताया कि अधिकारी की पत्नी पर भी पीड़ित को गर्भपात के लिए दवाएं देने का आरोप लगाया गया है। दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर कहा, ‘जिसका काम बेटियों की सुरक्षा करना था, वही भक्षक बन जाए तो लड़कियां कहां जाएं?’ वह पीड़ित बच्चे से मिलने अस्पताल पहुंची थीं मगर उन्हें मिलने नहीं दिया गया। DCW चीफ वहीं धरने पर बैठक गई हैं।
क्या है मामला ?
Minor Rape Case In Delhi: पीड़ित लड़की और आरोपी प्रमोद खाखा दोनों दोस्त थे। लड़की के पिता की वर्ष २०२० में मौत हो गयी। पिता के निधन के बाद लड़की को उसकी माँ ने आरोपी के घर रहने के लिए भेज दिया। लड़की आरोपी के परिवार के साथ रह रही थी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि महिला एवं बाल विकास विभाग में उप निदेशक आरोपी अधिकारी ने नवंबर 2020 और जनवरी 2021 के बीच कई बार लड़की से बलात्कार किया। जिसकी शिकायत लड़की ने आरोपी की पत्नी से भी किया लेकिन उसने उल्टा लड़की को ही धमकाते हुए मुंह बंद रखने को कहा और कई बार गर्भ निरोधक गोलियां भी खिलाया। जब गरब रुक गया तो आरोपी की पत्नी ने लड़की का गर्भपात भी करवाया। गर्भपात के समय लड़की को कई बार पैनिक अटैक आया और मानसिक तनाव में रहने लगी। गर्भपात के समय लड़की ने सारी बात मेडिकल स्टॉफ बताया।
Minor Rape Case In Delhi: दिल्ली पुलिस ने आरोपी और उसकी पत्नी पर प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज (पॉक्सो) एक्ट के तहत रेप का मामला दर्ज किया है। आरोपी महिला पर लड़की को गर्भपात की गोली देने का मामला दर्ज किया गया है। डीसीपी (नॉर्थ) सागर सिंह के बयान के मुताबिक, पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2) (एफ) (रिश्तेदार, अभिभावक या शिक्षक या महिला का विश्वासपात्र अथवा उस पर अधिकार रखने वाले व्यक्ति की हैसियत से महिला से बलात्कार करना), 509 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से शब्दों का प्रयोग, इशारा या कृत्य), 506 (आपराधिक धमकी), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 313 (महिला की सहमति के बिना गर्भपात करना), 120बी (आपराधिक साजिश) और यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के प्रावधान के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि लड़की का बयान अभी मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराया जाना बाकी है और मामले की जांच की जा रही है।












