Haryana Nuh Violence: दिल्ली। नूह में हुई साम्प्रदायिक हिंसा के बाद हरियाणा के औद्योगिक शहर गुरुग्राम से मजदूरों का पलायन शुरू हो गया है। लोगों का कहना है विश्व हिन्दू परिषद और बजरंग दल के लोग मुहल्लों में घूम घूम कर लोगों को चेतावनी दे रहे हैं कि मुसलमानों गुरुग्राम छोड़ दो नहीं तो अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना। मुस्लिम परिवार जिन हिन्दुओं के घरों में किरायेदार हैं उन मकान मालिकों को भी धमकाया जा रहा है। गुरुग्राम से पचास किलोमीटर दूर हुई हिंसा से गुरुग्राम भी प्रभावित हुआ है। गुरुग्राम की एक मस्जिद में उग्रवादियों ने रात्रि के समय आग लगा दिया और मस्जिद नायब इमाम असद की हत्या कर दी गयी।
Haryana Nuh Violence: बीबीसी हिंदी की खबर के अनुसार लोगों का आरोप है कि मंगलवार को ही सेक्टर 70 में पालदा गांव के पास लगभग 20-25 लोग एक झुग्गी-बस्ती में आए और उन्होंने इलाक़ा खाली करने की चेतावनी दी। हालांकि पुलिस अधिकारियों का दावा है कि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इलाक़े में गश्त को बढ़ा दिया है।
Haryana Nuh Violence: पुलिस अधिकारियों ने पलायन की ख़बरों का खंडन करते हुए कहा, “किसी ने भी जगह नहीं छोड़ी है और लोग अपनी जगहों पर रुके हुए हैं।”
नूंह से शुरू हुई इस सांप्रदायिक हिंसा में छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई जिनमें होमगार्ड के दो जवान भी शामिल हैं।
Haryana Nuh Violence: गुरुग्राम के जिन क्षेत्रों में प्रवासी मजदूर रहते हैं, गुरुवार को जब बीबीसी ने वहां दौरा किया तो ऐसे लोग मिले जो अपना घर छोड़कर जाने की तैयारी कर रहे थे।
हमें पांच सदस्यों वाला एक प्रवासी मुस्लिम परिवार मिला जो टैक्सी में अपने घर का सामान रख रहा था और यहां से जाने की तैयारी कर था।Haryana Violence: हरियाणा में भारी संख्या में सुरक्षा बल तैनात, शांति व्यवस्था बनाये रखें – सीएम खट्टर
परिवार की महिला सदस्य ने नाम न ज़ाहिर करने की शर्त पर कहा, “हम जा रहे हैं क्योंकि अभी यहाँ हम सुरक्षित नहीं हैं। हम नहीं जानते कि क्या होगा और हम किसी भी हालत में हमले का शिकार नहीं होना चाहते।”
गुड़गांव में देश-विदेश की कई जानी-मानी कंपनियों के मुख्यालय भी हैं. यहां प्रवासी मज़दूरों की भी अच्छी खासी आबादी है जो आजीविका के लिए देश के कोने-कोने से यहां आकर रहते हैं. लॉकडाउन में भारी परेशानी उठा चुके इलाक़े के प्रवासी मज़दूरों को इस सांप्रदायिक हिंसा से एक बार फिर दर-बदर होने का डर सता रहा है.












