header

National News

[Hindi News] 27 राज्यों के 269 जिले लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत पोषणयुक्त चावल का वितरण कर रहे हैं

आज की तिथि में 18227 चावल मिलों के पास सम्मिश्रण की अवसंरचना उपलब्ध है; 2021 की तुलना में संचयी सम्मिश्रण क्षमता में 11 गुना वृद्धि।
फोर्टिफाइड चावल के दानों (एफआरके) की संचयी वार्षिक उत्पादन क्षमता में 18 गुना से अधिक की वृद्धि।

नई दिल्ली। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के सचिव श्री संजीव चोपड़ा ने आज यहां मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए बताया कि 27 राज्यों के कुल 269 जिलों ने लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (टीपीडीएस) के तहत पोषणयुक्त चावल (फोर्टीफाइड चावल) का वितरण शुरू कर दिया है और इस प्रकार चावल की फोर्टिफिकेशन योजना के अंतर्गत दूसरे चरण के लिए मार्च 2023 तक के निर्धारित शत- प्रतिशत लक्ष्य को हासिल कर लिया गया है।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत वितरण के लिए लक्षित चरण II के अंतर्गत आने वाले 27 राज्यों/ केन्द्र-शासित प्रदेशों द्वारा लगभग 105 एलएमटी फोर्टिफाइड चावल उठाया गया था। इसके अलावा, दूसरे चरण में आईसीडीएस और पीएम पोषण के तहत आने वाले राज्यों/ केन्द्र-शासित प्रदेशों द्वारा लगभग 29 एलएमटी फोर्टिफाइड चावल उठाया गया। इस प्रकार, वित्तीय वर्ष 2022-23 के दौरान कुल लगभग 134 एलएमटी फोर्टिफाइड चावल उठाया गया। अब चरण III के तहत, विभाग मार्च 2024 की लक्षित तिथि से पहले गेहूं की खपत वाले जिलों को छोड़कर शेष सभी जिलों के कवरेज को पूरा करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

चरण- I में आईसीडीएस और पीएम पोषण को कवर किया गया। इसे 2021-22 के दौरान लागू किया गया था और राज्यों/ केन्द्र-शासित प्रदेशों में लगभग 17.51 ​​एलएमटी फोर्टिफाइड चावल वितरित किया गया था।

माननीय प्रधानमंत्री द्वारा 75वें स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2021) के अवसर पर अपने संबोधन में भारत सरकार की प्रत्येक सामाजिक सुरक्षा दायरा योजना में वर्ष 2024 तक चरणबद्ध तरीके से फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति करने की घोषणा के अनुरूप, इस दिशा में पिछले दो वर्षों के दौरान निरंतर प्रगति की गई है।

इस बीच, सम्मिश्रण की अवसंरचना से लैस चावल मिलों की संख्या अगस्त 2021 से लेकर मार्च 2023 के दौरान 2690 से बढ़कर 18227 हो गई है और सम्मिश्रण की संचयी क्षमता में 11 गुना से अधिक की वृद्धि हुई है। सम्मिश्रण की संचयी क्षमता 13.67 एलएमटी से बढ़कर 156 एलएमटी हो गई है।

फोर्टिफाइड चावल के दानों (एफआरके) की संचयी वार्षिक उत्पादन क्षमता अगस्त 2021 में 0.9 एलएमटी (34 एफआरके निर्माता) से 18 गुना से अधिक बढ़कर 17 एलएमटी (400 एफआरके से अधिक निर्माता) हो गई है।

फोर्टीफिकेंट्स के परीक्षण के लिए एफएसएसएआई द्वारा अधिसूचित और एनएबीएल से मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं की संख्या अगस्त 2021 में 20 से बढ़कर अब 48 हो गई है। एफसीआई और डीसीपी राज्यों की राज्य एजेंसियां खरीफ विपणन सीजन (​​केएमएस) 2020-21 से फोर्टीफाइड चावल की खरीद कर रही हैं और दिनांक 19 मार्च 2023 तक एफसीआई/राज्यों के पास लगभग 217 एलएमटी फोर्टिफाइड चावल उपलब्ध था।

विभाग ने फोर्टिफाइड चावल/एफआरके के उत्पादन और वितरण पर गुणवत्ता आश्वासन (क्यूए) और गुणवत्ता नियंत्रण (क्यूसी) प्रोटोकॉल के अनुपालन के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) भी विकसित की है।

एफएसएसएआई, जो खाद्य फोर्टिफिकेशन के लिए विनियामक/लाइसेंसिंग प्राधिकरण है, ने एफआरके, प्री-मिक्स के लिए मानकों का मसौदा तैयार किया है और तत्काल प्रभाव से मसौदा मानकों के संचालन के लिए सभी हितधारकों को निर्देश प्रदान किया है।

एफएसएसएआई, विशेषज्ञों और विकास भागीदारों को शामिल करते हुए आईईसी अभियानों के माध्यम से फोर्टिफाइड चावल के पोषण संबंधी लाभों के बारे में जनता को शिक्षित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।


Discover more from UNITED INDIA LIVE

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

 "United India Live" एक प्रतिष्ठित हिंदी समाचार पोर्टल है, जो निष्पक्षता, सत्यता और निर्भीक पत्रकारिता के सिद्धांतों पर कार्य करता है। हमारा उद्देश्य है जनता तक सटीक, तटस्थ और प्रमाणिक समाचार पहुंचाना, वह भी बिना किसी पक्षपात और दबाव के। हम देश-दुनिया की राजनीति, समाज, अर्थव्यवस्था, खेल, मनोरंजन, तकनीक और जनहित के मुद्दों को पूरी जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करते हैं। "United India Live" सिर्फ खबर नहीं देता, बल्कि समाज को जागरूक करने और लोकतंत्र को सशक्त करने का एक माध्यम है। हमारी पत्रकारिता की पहचान है – निष्पक्षता, निडरता और सच्चाई।  

LEAVE A RESPONSE

Your email address will not be published. Required fields are marked *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Discover more from UNITED INDIA LIVE

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading