Noida News: किसानों की समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो करेंगें प्राधिकरण का घेराव : भाकपा
नोएडा। प्राधिकरण और प्रशासन की अनदेखी के कारण ज़िला गौतमबुद्ध नगर के किसान वर्षों से प्राधिकरण का चक्कर लगा रहे है लेकिन आज तक उनकी समस्याओं का समाधान नही हुआ। किसानों के अधिकारों के लिये कई समाज सेवी संगठन नोयडा में कार्य कर रहे हैं जो समय समय पर शासन और प्रशासन को जगाने का कार्य करते रहते हैं।
जिनकी पुश्तैनी जमीनों को लेकर प्राधिकरण ने शहर बसा दिया, हजारों अधिकारी, कर्मचारी, चपरासी और नेता मालामाल हो गये उनकी फरियाद सुनने वाला कोई नही है। प्राधिकरण जहाँ बिल्डरों और सेक्टरवासियों के मामलों पर त्वरित कार्रवाई करता है वहीं किसानों के मामलों पर चींटी की चाल चल रहा है।
ज़िले के हज़ारों किसान बढ़ा हुआ मुआवजे, आबादी के भूखण्ड और लीजडीड आदि मामलों के निस्तारण के लिये प्राधिकरण के चक्कर लगा रहे हैं लेकिन उनकी सुनवाई नही हो रही है। कई लोंगों की प्राधिकरण के चक्कर लगाते लगाते मृत्यु हो गयी अब उनके आश्रित चक्कर लगा रहे हैं। हैरानी की बात यह है वही कार्य जो किसान का वर्षों से नही किया जा रहा है दलालों के द्वारा घण्टो में हो जाता है।
इसी क्रम में आज भारतीय किसान परिषद ने नोयडा के मीडिया क्लब में प्रेसवार्ता कर के फिर एक बार कुम्भकर्ण की नींद सो रहे प्राधिकरण को जगाने का प्रयास किया है। परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखवीर खलीफा ने प्राधिकरण से निम्नलिखित मांग किया।
- पिछले साल नोएडा प्राधिकरण पर हुए धरने के बाद जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में हुए करार कि किसी भी बिंदु को लागू नहीं किया जाना।
- बोर्ड मीटिंग में आबादी के मुद्दे जिसमें 450 मीटर से 1000 मीटर तथा 10% प्रतिकर के मुद्दे को आज तक शासन स्तर पर नोएडा प्राधिकरण में सरकार द्वारा लंबित रखा जाना।
- कमर्शियल एक्टिविटी तथा गैर पछताने लोगों को आबादी का लाभ देने के लिए नियमावली के मुद्दे को लंबित रखा जाना।
- लगभग 5000000 मीटर जमीन उद्योगपतियों को बेच दी गई है तथा उसके पश्चात पूरे विश्व में तथा पूरे भारत में कॉर्पोरेट को जमीन देने के लिए इन्वेस्टर सम्मिट 2023 का आयोजन किया जा रहा है जिसमें नोएडा एक अग्रणी भागीदार के रूप में काम कर रहा है परंतु दूसरी तरफ आज तक किसानों की 10% भूमि प्लॉट के रूप में आवंटित नहीं की गई है जो कि करार के अनुसार 6 महीने में देनी तय हुई थी। जब किसानों के देने के लिए जमीन नहीं है तो उद्योगों को भूमि क्यों दी जा रही है।
भारतीय किसान परिषद नोएडा प्राधिकरण को चेतावनी देता है कि अगर अगले कुछ दिनों में उनके रवैया में कोई परिवर्तन नहीं आता तो जिन देशों में नोएडा प्राधिकरण के अधिकारी घूमने गए थे उनके राजदूतों को पत्र लिखकर किसानों के साथ हो रहे अत्याचार से अवगत कराया जाएगा । साथ ही साथ जिन कॉर्पोरेट हाउस के साथ मीटिंग की जा रही है उनको भी पत्राचार के माध्यम से किसानों के विरोध से अवगत कराया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर किसान प्रतिनिधिमंडल उनके मुख्यालय पर बैठकर अपनी बात रखेंगे।
जल्द ही एक किसान बचाओ यात्रा निकाली जाएगी जिसमें लाखों किसानों को जोड़ने की कवायद शुरू होगी और अगर हमारी समस्याओं का समाधान नहीं निकलता है तो यह लाखो किसान जनसमूह के रूप में नोएडा प्राधिकरण के खिलाफ सड़क पर निकलने के लिए मजबूर होंगी जिन की संपूर्ण जिम्मेदारी जनप्रतिनिधि और नोएडा प्राधिकरण की होगी।
आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय किसान परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुखबीर खलीफा, प्रवक्ता सुधीर चौहान मीडिया प्रभारी अशोक चौहान तथा विभिन्न ग्रामों के प्रधान जिनमें मुख्यता सुरेंद्र प्रधान सदरपुर, जयवीर प्रधान बहलोलपुर, चरण सिंह प्रधान वाजिदपुर, सूरज प्रधान शाहपुर गोवर्धनपुर, संजय प्रधान , आशीष चौहान सचिन अमाना प्रवीण चौहान, भरत भाटी आदि सम्मानित साथी उपस्थित रहे।
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