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Noida Farmers: सांसद सुरेंद्र नागर को संयुक्त मोर्चा की चेतावनी, तय समय में मांगे पूरी नहीं हुई तो बड़े आंदोलन का सामना करने के लिए रहें तैयार

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Noida Farmers: नोएडा। किसानों की मांगों को अनदेखा करने एवं उनके साथ तानाशाही व्यवहार करने वाले ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के विरुद्ध अब संयुक्त मोर्चा आर -पार की लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहा है। किसान सभा दवारा मीडिया को भेजे गए प्रेस नोट से मिली जानकारी के अनुसार 18 जुलाई से संयुक्त मोर्चा अपने आंदोलन की शुरुआत करेगा।
गौरतलब है कि लम्बे समय से प्राधिकरण ने किसानों को आबादी के भूखंड अभी तक नहीं दिए, बैक लीज नहीं कर रहे हैं, लोगों के आबादी के मकानों पर बुलडोज़र चला रहे हैं जिससे छुब्ध हो कर किसानों ने अनेकों बार प्राधिकरण के शीर्ष अधिकारियो से ले कर सीएम योगी आदित्यनाथ को भी चिट्ठी लिखा लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। अधिकारीयों ने अवैध कमाई के ज़रिये नोएडा और ग्रेटर नॉएडा में अपनी करोड़ों की सम्पत्तियाँ बना लिया और किसानों को कंगाल कर दिया। किसान संगठनों ने अनेकों बार किसानों की आवाज़ उठाया लेकिन सिर्फ आश्वासन के सिवाय आज तक कुछ हासिल नहीं हुआ, इसी लिए किसान संगठनों और विपक्षी दलों ने मिल कर एक संयुक्त मोर्चा तैयार किया है, जो अब आरपार की लड़ाई लड़ेगा। संयुक्त मोर्चा की रणनीति के अनुसार इस आंदोलन में लाखों लोगों के शामिल होने की संभावना है।

Noida Farmers: किसान सभा ने 18 जुलाई को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के विरुद्ध संयुक्त मोर्चा बनाकर आंदोलन शुरू करने का एलान किया है। इस में सपा, कांग्रेस लोक दल, आजाद समाजवादी पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी एवं जिले में सक्रिय सभी सामाजिक किसान संगठनों ने 18 जुलाई के आंदोलन में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने का एलान किया है। किसान सभा ने किसानों के मुद्दों पर ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के विरुद्ध 7 फरवरी 2023 को अपना आंदोलन शुरू किया था। जिसके क्रम में किसान सभा ने 7 मार्च 14 मार्च 23 मार्च को एक-एक दिन का हजारों की संख्या में किसानों का प्रदर्शन किया था। 23 मार्च तक कोई नतीजा न निकलने पर किसान सभा ने 25 अप्रैल से रात दिन का धरना शुरू करने का फैसला किया था। 25 अप्रैल को किसान सभा ने रात दिन का धरना शुरू किया जिसमें 6 जून तक प्राधिकरण के अधिकारी किसानों के 10% आबादी प्लाट एवं अन्य बड़े मुद्दों पर ठोस कदम उठाने में आनाकानी करते रहे हैं। 6 जून को प्राधिकरण के अधिकारियों ने पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ सांठगांठ कर शांतिपूर्ण किसानों के धरना प्रदर्शन को जबरन समाप्त करने के मकसद से रात के वक्त 33 किसानों को गिरफ्तार कर लिया, गिरफ्तारी के विरोध में सैकड़ों किसान पुलिस लाइन का घेराव करने पहुंचे, तो पुलिस ने उन पर बर्बर लाठीचार्ज कर दिया।

Noida Farmers: इस खबर को सुनकर सभी किसान संगठन एवं विपक्षी पार्टियों ने किसान सभा में आकर अपना समर्थन दिया और किसान सभा के साथियों ने अन्य सभी किसान संगठनों के साथ मिलकर 7 जून से धरना स्थल पर पुनः कब्जा कर लिया। धरना स्थल पर पुनः कब्जा करने से पुलिस और प्राधिकरण की योजना ध्वस्त हो गई। मजबूरन दादरी विधायक को बीच में लाकर किसानों के साथ बातचीत शुरू की गई। बातचीत बीच में ही फेल हो गई उसके उपरांत 16 जून को बिचौलिए के रूप में राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर को उतारा गया। सुरेंद्र नागर की मध्यस्थता में किसानों ने अपने अनुसार लिखित ड्राफ्ट तैयार कराया जिसमें शासन स्तर से औद्योगिक विकास मंत्री की अध्यक्षता में चेयरमैन ग्रेटर नोएडा, औद्योगिक विकास प्राधिकरण सीईओ, औद्योगिक विकास प्राधिकरण प्रमुख सचिव, दादरी विधायक, जेवर विधायक, सांसद महेश शर्मा, सांसद सुरेंद्र नागर, एवं किसानों के प्रतिनिधियों को सदस्य के तौर पर शामिल करते हुए 30 जून तक नोटिफिकेशन कर के किसानों के सभी बड़े मुद्दों पर 15 जुलाई तक फैसला लेने के लिए अधिकृत करते हुए हाई पॉवर कमेटी के गठन करके लिखित आश्वासन दिया गया। related news

Noida Farmers: समझौता पत्र पर एसीईओ आनंद वर्धन नें साइन किए। फैसले के वक्त किसान सभा ने स्पष्ट तौर पर सांसद सुरेंद्र नागर को बताया कि हमें पुलिस प्रशासन और प्राधिकरण पर रत्ती भर भी विश्वास नहीं है। यदि आप जिम्मेदारी लेने को तैयार हैं तो हम आप पर भरोसा करने को तैयार हैं। इसी बातचीत के क्रम में सुरेंद्र नागर ने जेल में बंद 33 किसानों की रिहाई के बाद धरना स्थल पर आकर समझौते को लागू कराने के बारे में धरना स्थल पर उपस्थित सैकड़ों किसानों को आश्वासन दिया था। परंतु प्राधिकरण और सरकार ने लिखित समझौते का उल्लंघन करते हुए वादाखिलाफी एवं धोखाधड़ी करते हुए हाईपॉवर कमेटी के गठन से इनकार कर दिया। इस संबंध में प्राधिकरण ने शासन द्वारा प्रेषित पत्र 6 जुलाई को किसान सभा को उपलब्ध कराया।
अगले ही दिन 7 जुलाई को किसान सभा ने अपनी बैठक बुलाकर 18 जुलाई से आंदोलन की घोषणा कर दी। किसान सभा के इस पूरे संघर्ष में अन्य किसान संगठनों एवं विपक्षी पार्टियों ने अत्यंत उल्लेखनीय भूमिका निभाई है। इसलिए आज की प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौतम बुद्ध नगर जिले में सक्रिय सभी किसान संगठनों एवं विपक्षी पार्टी के मुख्य नेताओं को बुलाकर प्रेस कॉन्फ्रेंस की जा रही है। जिसमें 18 जुलाई को पूरी ताकत के साथ प्राधिकरण के खिलाफ किसानों का मोर्चा शुरू होगा। 18 जुलाई तक प्राधिकरण सरकार एवं राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर के पास पूरा मौका है, कि वह किसानों के साथ किए गए समझौते का पालन करें, अन्यथा सरकार और भाजपा को किसानों के साथ किए गए धोखे की राजनीतिक कीमत 2024 के लोकसभा चुनाव में चुकानी पड़ेगी।

Noida Farmers: किसान सभा ने इस आंदोलन को शुरू करते वक्त यह फैसला लिया था कि आंदोलन को लगातार तब तक चलाया जाएगा जब तक की मुद्दों को हल नहीं कर लिया जाता है। इस क्रम में आज तक किसान सभा के आंदोलन को पूरे 5 महीने गुजर चुके हैं। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, आजाद समाज पार्टी, भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी, लोकदल, अखिल भारतीय महिला समिति, सीटू, भारतीय वीर दल किसान यूनियन अंबावता, किसान यूनियन अजगर, किसान यूनियन लोक शक्ति, किसान यूनियन बलराज, भारतीय किसान परिषद, किसान एकता संघ एवं किसान एवं सामाजिक संगठनों को इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हम यह संदेश देना चाहते हैं, कि किसानों के मसले पर सारे किसान संगठन एकजुट हैं। किसान विरोधी प्राधिकरण और किसान विरोधी सरकारी नीतियों के विरुद्ध जमकर लड़ने को तैयार हैं। समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष सुधीर भाटी, लोक दल के जिला अध्यक्ष जनार्दन भाटी, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष एवं नेता दीपक चोटीवाला, किसान यूनियन अंबावता के बृजेश और विकास किसान यूनियन अजगर के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरवीर नागर और प्रवक्ता नरेश चपरगढ, किसान यूनियन बलराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलराज भाटी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी एवं सीटू के नेता कॉमरेड गंगेश्वर दत्त शर्मा, महिला समिति की नेता आशा यादव, किसान यूनियन लोक शक्ति के नेता मास्टर श्योराज सिंह, किसान एकता संघ के नेता सौरन प्रधान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया है,और ऐलान किया किया गया है कि सभी किसान संगठन और विपक्षी पार्टियां ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के विरुद्ध जमकर लड़ने को तैयार रहें। नोएडा, ग्रेटर नोएडा, यमुना प्राधिकरण एक ही कानून के तहत कार्य करने वाली तीनों संस्थाएं स्थापित हैं। तीनों प्राधिकरणों के लिए बनने वाली नीतियां भी एक जैसी होती हैं। दस प्रतिशत आबादी का मुद्दा तीनों प्राधिकरणों में समान रूप से लागू होना है। related news-

इसलिए सभी संगठन एक साथ मिलकर प्राधिकरण के विरुद्ध आंदोलन करने को तैयार हैं। किसान सभा के प्रवक्ता डॉ रुपेश वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि इन मुद्दों पर एकजुटता और संयुक्त मोर्चे की अत्यंत आवश्यकता है। दिल्ली आंदोलन से सबक लेकर हम अपने जिले में इस चीज को लागू कर रहे हैं विपक्षी राजनीतिक पार्टियों की किसानों के मुद्दों को हल कराने में महत्वपूर्ण भूमिका है। प्राधिकरण और सरकार किसान विरोधी नीतियां बना रहे हैं, और किसानों के पूर्व में समझौते से पीछे हटकर वादाखिलाफी कर रहे हैं। इसके विरोध में पूरे क्षेत्र में आक्रोश है। 24 जून को किए गए समझौता जो अभी ताजा-ताजा समझौता है उसने यह बात दोबारा रेखांकित कर दिया है, कि प्राधिकरण के लिए धोखाधड़ी और वादाखिलाफी बच्चों का खेल है। इसलिए आज प्राधिकरण और किसानों के बीच विश्वास की गहरी खाई पैदा हो गई है। जिसे जल्दी से पाटना तभी संभव है जब प्राधिकरण के अधिकारी इमानदारी से किसानों के उक्त मुद्दों को हल करें। किसान सभा के संयोजक वीर सिंह नागर ने कहा कि किसान सभा ने अपनी लड़ाई आर-पार के मूड से शुरू की है। जीत कर ही दम लिया जाएगा। किसान सभा ने आंदोलन केवल स्थगित किया था, और प्राधिकरण सरकार और सांसद को मौका दिया था, कि वह अपनी कहीं बात पर अमल करें पुलिस प्रशासन प्राधिकरण सरकार और सांसद सुरेंद्र नागर अपने वादे के अनुसार 18 जुलाई तक कार्य करें,अन्यथा झूठ बोलने, वादाखिलाफी करने की कीमत चुकाने को तैयार रहें। related news

कांग्रेस पार्टी के नेता दीपक चोटीवाला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के मुद्दों पर किसान सभा के आंदोलन में कंधे से कंधा मिलाकर लड़ने को तैयार है आवश्यकतानुसार शीर्ष नेतृत्व को आंदोलन में शामिल किया जाएगा समाजवादी पार्टी के जिला अध्यक्ष सुधीर भाटी ने कहा कि हमारी पार्टी उत्तर प्रदेश में मुख्य विपक्षी पार्टी है और हम अपना कर्तव्य पूर्व की भांति निभाते रहेंगे आवश्यकता पड़ने पर माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को भी आंदोलन में शामिल करेंगे लोक दल के जिला अध्यक्ष जनार्दन जनार्दन भाटी ने कहा माननीय जयंत चौधरी को लगातार आंदोलन के बारे में अवगत कराते रहे हैं आगे भी कराते रहेंगे और माननीय जयंत चौधरी को आंदोलन में ले करके आएंगे।

आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष दिनेश गौतम ने ऐलान करते हुए कहा कि हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर रावण गरीबों किसानों के लिए लगातार लड़ाई लड़ते रहे हैं आगे भी लड़ते रहेंगे दो बार किसान आंदोलन में ग्रेटर नोएडा आ चुके हैं। आवश्यकता पड़ने पर आगे भी आएंगे और आजाद समाज पार्टी कंधे से कंधा मिलाकर किसानों के मुद्दों पर लड़ाई लड़ेगी।

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के नेता गंगेश्वर दत्त शर्मा ने कहा कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी गरीबों दलितों मजदूरों किसानों की पार्टी है हमारी पार्टी खुले तौर पर गरीबों की पार्टी होने का ऐलान करती है हमारी पार्टी और हमारा मजदूर संगठन सीटू किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ता रहा है, आगे भी लड़ता रहेगा किसान यूनियन अंबावता के नेता विकास और बृजेश नें प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि किसान यूनियन अंबावता 7 फरवरी से ही किसान सभा के आंदोलन में साथ रही है, आगे भी साथ रहेगी।

किसान यूनियन के नेता हरवीर नागर और नरेश चपरगढ़ ने ऐलान करते हुए कहा कि हम प्राधिकरण और सरकार के झूठे वादों से तंग आ चुके हैं पूरे जिले का किसान एकजुट है और आगे भी एकजुट होकर संघर्ष करता रहेगा हमारी यूनियन किसानों के संघर्ष में 18 जुलाई से पूरी ताकत के साथ शामिल रहेगी किसान यूनियन बलराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष बलराज भाटी ने ऐलान किया कि हम जेल में भी किसान नेताओं से मिलकर आए थे 33 किसानों की गिरफ्तारी के बाद भी धरना स्थल पर किसान यूनियन बलराज बढ़ चढ़कर हिस्सा लेती रही और 18 जुलाई के आंदोलन में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा लेगी।
किसान यूनियन लोक शक्ति के नेता मास्टर श्योराज सिंह ने ऐलान किया कि अबकी बार लड़ाई आर-पार की चल रही है अफसरों को हमारी साफ चेतावनी है कि किसानों के 10% प्लाट सहित अन्य सभी प्रमुख मुद्दों को तुरंत हल किया जाए अन्यथा सरकार को इसके परिणाम भुगतने होंगे किसान एकता संघ के नेता सोरन प्रधान ने कहा कि हमारी यूनियन सभी यूनियनों के साथ मिलकर आगे बढ़ने को तैयार है। किसान सभा के 18 जुलाई के आंदोलन में हम संयुक्त मोर्चा बनाकर हिस्सेदारी करने को तैयार हैं। भारतीय वीर दल ने ऐलान करते हुए कहा कि हमेशा की तरह हम किसान सभा के आंदोलन में साथ खड़े रहेंगे महिला समिति की नेता आशा यादव ने कहा कि हजारों महिलाएं आंदोलन में बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं ऐतिहासिक तौर पर महिलाओं ने इस आंदोलन में अपनी भूमिका निभाई है। आंदोलन को महिलाओं ने अपने कंधों पर उठा लिया है, और जिस आंदोलन में महिलाएं शामिल हो जाती हैं। वह भी बड़ी संख्या में उस आंदोलन को दुनिया की कोई ताकत हरा नहीं सकती।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में गवरी मुखिया सूबेदार ब्रह्मपाल निशांत रावल जगबीर नंबरदार हरेंद्र खारी नरेंद्र भाटी महाराज सिंह प्रधान प्रकाश प्रधान अजय पाल भाटी प्रशांत भाटी अजब सिंह नेताजी मोहित भाटी संदीप भाटी सतीश यादव सुरेश यादव यतेंद्र मैनेजर पप्पू प्रधान सुशील सुनपुरा मुकेश खेड़ी निरंकार प्रधान सीटू नेता मुकेश कुमार राघव व किसान सभा के अन्य नेता कार्यकर्ता पार्टियों एवं अन्य किसान यूनियनों संगठनों के नेता कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इसके साथ ही किसान सभा की कई टीमों ने आज गांवों में जाकर के धुआंधार जनसंपर्क प्रचार किया और लोगों से 18 जुलाई 2023 को ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण पर होने वाले प्रदर्शन में भारी संख्या में पहुंचने की अपील किया।

 

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