Bihar Crime News: पटना में व्यवसायी गोपाल खेमका की हत्या पर गरमाई राजनीति, रविशंकर प्रसाद ने SIT गठन की पुष्टि, कहा— दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा
Bihar Crime News: पटना (बिहार)। राजधानी पटना में हुए चर्चित व्यवसायी गोपाल खेमका हत्याकांड को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता और पटना साहिब से सांसद रविशंकर प्रसाद ने इस घटना पर गहरा आक्रोश जताते हुए कहा है कि यह न केवल एक निंदनीय अपराध है, बल्कि पूरे शहर के व्यापारिक समुदाय और आम जनता की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल भी खड़े करता है।
रविशंकर प्रसाद ने रविवार को मीडिया से बातचीत में कहा, “गोपाल खेमका मेरे लोकसभा क्षेत्र के सम्मानित नागरिक और एक प्रतिष्ठित व्यवसायी थे। यह वारदात मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से अत्यंत दुखद है। मैंने स्वयं पटना के एसएसपी और जिलाधिकारी से बात की है। साथ ही उपमुख्यमंत्री से भी संपर्क किया और मामले की संवेदनशीलता को लेकर उन्हें अवगत कराया।”
SIT का गठन, जल्द कार्रवाई का वादा
Bihar Crime News: रविशंकर प्रसाद ने जानकारी दी कि प्रशासन द्वारा विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया गया है, जो इस हत्याकांड की पूरी तहकीकात करेगी। उन्होंने कहा कि उन्होंने पुलिस को निर्देशित किया है कि इस मामले में “त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई” होनी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को जल्द न्याय मिल सके और अपराधियों को सख्त सजा दी जा सके।
“मैंने पुलिस और प्रशासन को साफ कहा है कि इस मामले में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। SIT बनी है, तो जल्द से जल्द कार्रवाई होनी चाहिए। दोषियों को किसी कीमत पर छोड़ा न जाए,” उन्होंने जोर देते हुए कहा।
पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर भी उठे सवाल
Bihar Crime News: पूर्व केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि अगर इस हत्याकांड में किसी भी स्तर पर प्रशासनिक लापरवाही सामने आती है, तो उसकी भी गहन जांच होनी चाहिए और दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
“अगर पुलिस या प्रशासन की तरफ से कोई चूक हुई है तो उसकी जांच कर सख्त दंड मिलना चाहिए। राज्य में कानून-व्यवस्था का सवाल जुड़ा हुआ है।” — उन्होंने कहा।
जनता में आक्रोश, व्यापारियों में डर
Bihar Crime News: गोपाल खेमका की हत्या के बाद पटना के व्यापारिक समुदाय में भय और असुरक्षा का माहौल देखा जा रहा है। व्यापारियों ने स्थानीय प्रशासन पर सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाते हुए दोषियों की गिरफ्तारी और व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। कई व्यापारिक संगठनों ने बंद का आह्वान भी किया और सरकार से अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग की है।
राजनीतिक दबाव और विपक्ष का निशाना
इस घटना को लेकर राज्य की विपक्षी पार्टियों ने भी सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि राजधानी के प्रतिष्ठित व्यवसायी भी सुरक्षित नहीं हैं। विपक्ष ने इसे कानून-व्यवस्था की विफलता करार दिया।












