दिल्ली। तमाम अटकलों और चर्चाओं के बीच आखिरकार दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दे दी। इसी बीच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दिपके भी अमेरिका से भारत लौटकर मुंबई पहुंच गए।

सुबह से ही भीषण गर्मी और लगभग 45 डिग्री तापमान के बावजूद जंतर-मंतर पर लोगों का जुटना शुरू हो गया था। दोपहर तक पूरा प्रदर्शन स्थल समर्थकों से खचाखच भर गया। तपती धूप, गर्म हवाओं और कठिन परिस्थितियों के बावजूद हजारों लोग अपने नेता की एक झलक पाने और अपनी आवाज बुलंद करने के लिए मैदान में डटे रहे।
प्रदर्शन में सिर्फ युवा ही नहीं बल्कि महिलाएं और बुजुर्ग भी बड़ी संख्या में नजर आए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार देश की व्यवस्था को अंदर से कमजोर कर रहा है जबकि सत्ता में बैठे लोग इससे आंखें मूंदे हुए हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि युवाओं को शिक्षा और रोजगार की जगह धार्मिक ध्रुवीकरण की ओर धकेला जा रहा है, जिससे समाज में नफरत और हिंसा बढ़ रही है।

कड़े सुरक्षा इंतजाम और पुलिस निगरानी के बावजूद पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, राजस्थान सहित कई राज्यों से लोग प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे। बड़ी संख्या में मौजूद युवाओं ने बढ़ती उम्र, भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और रोजगार संकट को लेकर नाराजगी जाहिर की। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी उठाई।
हजारों की संख्या में मौजूद प्रदर्शनकारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखी। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद कई लोगों ने मैदान में फैले कचरे की सफाई खुद की और पुलिसकर्मियों को फूल देकर शांति और सौहार्द का संदेश भी दिया।
जंतर-मंतर पर अभिजीत दिपके के साथ समाजसेवी सोनम वांगचुक भी नजर आए। प्रदर्शन में शामिल अधिकांश लोग छात्र और युवा थे। कुछ लोग फूल लेकर पहुंचे, तो कई कॉकरोच मास्क पहनकर विरोध दर्ज कराते दिखाई दिए। वहीं कुछ प्रदर्शनकारी बाबा साहेब अंबेडकर की तस्वीरें और संविधान से जुड़े पोस्टर लेकर पहुंचे।
तपती गर्मी के बीच उमड़ी यह भीड़ सिर्फ एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि व्यवस्था के खिलाफ बढ़ती नाराजगी और युवाओं की बेचैनी की तस्वीर बनकर सामने आई।












