Radhika Yadav murder case: पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पलट दी कहानी, पिता का कबूलनामा निकला झूठा
Radhika Yadav murder case: गुरुग्राम, हरियाणा: राष्ट्रीय स्तर की टेनिस खिलाड़ी राधिका यादव की निर्मम हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। गुरुग्राम के सेक्टर 57 स्थित उनके आवास पर 10 जुलाई 2025 की सुबह यह दिल दहला देने वाली वारदात हुई। राधिका की उम्र महज 25 साल थी, और वह एक उभरती हुई खिलाड़ी के साथ-साथ टेनिस अकादमी भी चला रही थीं।
हत्या का आरोप और कबूलनामा
Radhika Yadav murder case: इस हत्याकांड में राधिका के पिता दीपक यादव को मुख्य आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, दीपक यादव ने प्रारंभिक पूछताछ में यह स्वीकार किया कि उन्होंने अपनी बेटी को गोली मार दी। उन्होंने कहा कि वह मानसिक रूप से परेशान थे और गांव वालों से ताने सुनते थे कि वह बेटी की कमाई खा रहे हैं। वह नहीं चाहते थे कि राधिका सोशल मीडिया पर सक्रिय रहे या अकादमी चलाए। इन बातों को लेकर घर में विवाद चलता रहता था।
एफआईआर में दावा
Radhika Yadav murder case: एफआईआर में दर्ज है कि दीपक यादव ने राधिका को पीठ की ओर से तीन गोलियां मारीं, जब वह किचन में खाना बना रही थीं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला सच
Radhika Yadav murder case: लेकिन इस मामले में बड़ा मोड़ तब आया जब पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आई। इस रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि राधिका को चार गोलियां लगी थीं और सभी सीने में मारी गई थीं, न कि पीठ में। यह जानकारी सरकारी अस्पताल के मेडिकल बोर्ड ने दी है। गोलियों के सभी निशान फोरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं।
अब उठे कई सवाल
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद अब पिता के कबूलनामे पर सवाल खड़े हो गए हैं:
अगर गोली सामने से मारी गई, तो क्या राधिका हमलावर को देख रही थी?
क्या यह हत्या पहले से सोची-समझी साजिश थी?
क्या कोई और इस साजिश में शामिल है?
क्या पिता द्वारा दिए गए बयान में झूठ शामिल है?
घटना के पीछे की कहानी
Radhika Yadav murder case: राधिका सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थीं। वह इंस्टाग्राम पर रील्स बनाती थीं और हाल ही में एक म्यूजिक वीडियो “कारवां” में भी दिखाई दी थीं। पिता को यह सब पसंद नहीं था। साथ ही वह चाहते थे कि राधिका टेनिस अकादमी न चलाए और घर में ही सीमित रहे।
राधिका अपने परिवार का सहारा थीं। उनका आर्थिक योगदान परिवार के लिए महत्वपूर्ण था। लेकिन पिता को यह बात सामाजिक तौर पर अपमानजनक लगती थी, क्योंकि गांव में लोग ताने देते थे कि “बेटी की कमाई खा रहे हो।”
कानूनी स्थिति
हत्या के बाद पुलिस ने आरोपी पिता दीपक यादव को गिरफ्तार कर लिया और कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें एक दिन की पुलिस रिमांड में भेजा है। पुलिस अब हत्या में प्रयुक्त रिवॉल्वर और गोलियों की बरामदगी की दिशा में काम कर रही है।
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